Cyber Crime Alert
Cyber Crime Alert : विशेष डेस्क: जैसे-जैसे सूरज ढलता है और लोग अपने काम से घर लौटकर मोबाइल थामते हैं, वैसे ही ‘साइबर ठगों’ का गिरोह सक्रिय हो जाता है। आजकल ठगी के दो ऐसे तरीके सामने आए हैं, जिन्होंने आम जनता की रातों की नींद उड़ा दी है। इसमें सबसे डरावना है ‘डिजिटल अरेस्ट’ और सबसे आम है ‘बिजली बिल अपडेट’ का झांसा।
1. बिजली बिल का डर दिखाकर खाली हो रहे खाते
शाम के समय अक्सर लोगों के मोबाइल पर एक मैसेज आता है: “प्रिय उपभोक्ता, आपके पिछले महीने का बिजली बिल अपडेट न होने के कारण आज रात 9:30 बजे आपकी बिजली काट दी जाएगी।” मैसेज के नीचे एक मोबाइल नंबर दिया होता है जिस पर संपर्क करने को कहा जाता है। जैसे ही डरा हुआ उपभोक्ता उस नंबर पर कॉल करता है, ठग उसे एक ‘ऐप’ डाउनलोड करने को कहते हैं और चंद मिनटों में उसका पूरा बैंक खाता साफ कर देते हैं।
2. ‘डिजिटल अरेस्ट’: घर बैठे बंधक बना रहे अपराधी
यह ठगी का सबसे नया और खतरनाक तरीका है। इसमें ठग खुद को सीबीआई (CBI), क्राइम ब्रांच या पुलिस अधिकारी बताकर आपको वीडियो कॉल करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपके आधार कार्ड का उपयोग नशीली दवाओं की तस्करी या मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। डर पैदा करने के लिए वे आपको ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर घंटों कैमरे के सामने बैठे रहने पर मजबूर कर देते हैं और केस रफा-दफा करने के नाम पर लाखों रुपये वसूल लेते हैं।
सावधानी ही बचाव है: इन बातों का रखें ध्यान
साइबर विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन ने जनता के लिए कुछ जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:
कोई भी सरकारी विभाग वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करता: भारत में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानून नहीं है। अगर कोई ऐसा कहे, तो समझ जाएं कि वह ठग है।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें: बिजली विभाग कभी भी पर्सनल नंबर से मैसेज नहीं भेजता और न ही फोन पर ऐप डाउनलोड करने को कहता है।
शाम के समय रहें ज्यादा सतर्क: ठग अक्सर शाम या छुट्टी के दिन कॉल करते हैं ताकि आप बैंक या बिजली दफ्तर जाकर सच का पता न लगा सकें।
ठगी होने पर क्या करें?
यदि आप या आपका कोई परिचित ऐसी ठगी का शिकार होता है, तो बिना देर किए ‘1930’ पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। आपकी जागरूकता ही आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।