EPFO Wage Ceiling Hike 2026 : नई दिल्ली। अगर आप प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं और आपकी सैलरी ₹15,000 से ज्यादा है, तो यह खबर आपके भविष्य की पूरी तस्वीर बदल सकती है। पिछले 11 सालों से जिस ‘सैलरी सीलिंग’ (Wage Ceiling) पर धूल जमी थी, अब उसे सुप्रीम कोर्ट ने झाड़ दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगले 4 महीनों के भीतर पीएफ सैलरी लिमिट बढ़ाने पर अंतिम फैसला लें।
EPFO Wage Ceiling Hike 2026 : महंगाई आसमान पर, पीएफ जमीन पर: कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से कड़ा सवाल किया। कोर्ट ने कहा कि जब देश में महंगाई और राज्यों का ‘न्यूनतम वेतन’ (Minimum Wage) इतना बढ़ चुका है, तो पीएफ की अनिवार्य सीमा साल 2014 के ₹15,000 पर ही क्यों रुकी हुई है? आज के दौर में यह सीमा सुरक्षा देने के बजाय कर्मचारियों के लिए रुकावट बन गई है।
क्या होगा बदलाव? (₹15,000 vs ₹25,000)
सूत्रों की मानें तो सरकार इस लिमिट को बढ़ाकर सीधे ₹21,000 या ₹25,000 कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो इसके दो बड़े फायदे होंगे:
पेंशन में भारी बढ़ोतरी: अभी आपकी पेंशन का गणित ₹15,000 पर टिका है। लिमिट ₹25,000 होने से पेंशन फंड (EPS) में आपका मासिक योगदान ₹1,250 से बढ़कर ₹2,083 हो जाएगा। यानी रिटायरमेंट पर मिलने वाली रकम में लाखों का इजाफा होगा।
सोशल सिक्योरिटी का बड़ा घेरा: लाखों ऐसे कर्मचारी जो अभी पीएफ के दायरे से बाहर हैं, वे इसके अनिवार्य सुरक्षा चक्र में आ जाएंगे।
फाइल तैयार, बस ‘मुहर’ की है बारी
हैरानी की बात यह है कि ईपीएफओ (EPFO) की सब-कमेटी और सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने साल 2022 में ही इस बढ़ोतरी की सिफारिश कर दी थी, लेकिन फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी थी। अब सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद सरकार इसे ‘EPFO 3.0’ मिशन के तहत फास्ट ट्रैक पर लाने की तैयारी में है। हालांकि, इससे कंपनियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, क्योंकि उन्हें कर्मचारियों के पेंशन खाते में ज्यादा पैसे जमा करने होंगे।