Sabarimala Gold Theft Case
Sabarimala Gold Theft Case : सबरीमाला (केरल)। आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक, सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर में सोने की हेराफेरी का मामला अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ED (प्रवर्तन निदेशालय) के हाथ में है। करोड़ों रुपये के सोने की चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के शक में ईडी ने मंगलवार को केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु की 21 लोकेशन पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक मंदिर के मुख्य पुजारी (तंत्री) समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विजय माल्या के दान किए सोने में ‘सेंध’
इस पूरे विवाद की जड़ 1998 में छिपी है। तब शराब कारोबारी विजय माल्या ने मंदिर के गर्भगृह और लकड़ी की नक्काशी के लिए 30.3 किलोग्राम सोना और 1,900 किलोग्राम तांबा दान किया था। मामला तब खुला जब केरल हाई कोर्ट की समीक्षा में पता चला कि मंदिर की मूर्तियों और दरवाजों पर चढ़ी सोने की परत का वजन काफी कम हो गया है। यहीं से त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और चोरी का शक गहराया।
मुख्य पुजारी गिरफ्तार, बड़े दिग्गजों पर ED की नजर
केरल हाई कोर्ट के आदेश पर गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हाल ही में मंदिर के मुख्य पुजारी कंदारारू राजीवारू को गिरफ्तार किया है। ईडी की ताजा छापेमारी में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और टीडीबी के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार के करीबियों को भी निशाने पर लिया गया है। जांच टीम अब मंदिर पहुंचकर सोने की चादरों की सही मात्रा मापेगी और उनके सैंपल लेगी ताकि यह पता चल सके कि असली सोने की जगह क्या इस्तेमाल किया गया।
चार चरणों में हुआ ‘सोने का खेल’
जांच अधिकारियों ने इस घोटाले को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटा है:
पहला चरण: गर्भगृह और सजावटी वस्तुओं पर सोने की परत चढ़ाने में हुई धांधली।
दूसरा चरण: साल 2019 में सोने के पुराने दरवाजे को नए दरवाजे से बदलते वक्त हुई हेराफेरी।
तीसरा चरण: मूर्तियों की सोने की प्लेट्स और दरवाजों के फ्रेम से चुपके से सोना हटाना।
चौथा चरण: साल 2025 में द्वारपालक की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने के दौरान हुए संदिग्ध लेन-देन।
पवित्र स्थान पर क्रिमिनल साजिश
एसआईटी और ईडी की जांच में यह डरावना सच सामने आया है कि जिन लोगों के कंधों पर भगवान अयप्पा की कीमती चीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही एक सोची-समझी साजिश के तहत सोना बदला या उसे गायब कर दिया। इस मामले ने केरल में भारी राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। विधानसभा से लेकर सड़क तक सरकार और देवस्वोम बोर्ड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं।