Godda Firing Case Update : गोड्डा। झारखंड के गोड्डा जिले में बिहार के एक न्यायिक मजिस्ट्रेट (जज) की पत्नी पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी को पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। पथरगामा थाना क्षेत्र के गांधीग्राम में 17 जनवरी को हुई इस फायरिंग का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि महिला का अपना पति ही निकला। पुलिस ने इस मामले में भागलपुर (बिहार) से तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कबूला कि जज ने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए 2 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
कोर्ट से लौटते वक्त हुआ था जानलेवा हमला
बिहार के सासाराम कोर्ट में तैनात न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष कुमार साह की पत्नी वंदना कुमारी (35 वर्ष) का अपने पति के साथ तलाक का मुकदमा चल रहा है। 17 जनवरी को वंदना अपने भाई के साथ बाइक पर गोड्डा कोर्ट में गवाही देकर अपने पैतृक गांव परसा लौट रही थीं। इसी दौरान महागामा-गोड्डा मुख्य मार्ग पर गांधीनगर चौक के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से घायल वंदना का वर्तमान में भागलपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहाँ उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
SIT जांच में पति की साजिश आई सामने
गोड्डा एसपी मुकेश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की टीम बिहार के भागलपुर पहुँची, जहाँ से तीन आरोपियों— श्याम कुमार साह, सुभाष कुमार साह और मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वंदना के पति संतोष कुमार साह ने ही उन्हें 2 लाख रुपये का लालच देकर हत्या की सुपारी दी थी।
हथियार और मोटरसाइकिल बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें, एक देसी पिस्तौल और चेहरे छिपाने के लिए उपयोग किए गए मास्क बरामद कर लिए हैं। एसपी मुकेश कुमार ने बताया कि तलाक विवाद के कारण पति ने यह खौफनाक साजिश रची थी। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी पति की भूमिका और संलिप्तता की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।