मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद धनंजय महादिक ने एक बड़ा बयान देकर नई चर्चा छेड़ दी है। महादिक ने कहा है कि अब एनसीपी (NCP) के दोनों गुटों को एक साथ आ जाना चाहिए, क्योंकि दोनों के पास मिलाकर 40 विधायक और 10 सांसदों की मजबूत ताकत है।
सुनेत्रा पवार को लेकर बड़ी बात सांसद धनंजय महादिक ने सुनेत्रा पवार की भूमिका को लेकर कहा कि यदि उन्हें उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) का पद दिया जाता है, तो वह बेहद प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सुनेत्रा पवार के पास अब राज्यसभा सदस्य के रूप में पर्याप्त अनुभव भी है, जो सरकार चलाने में काम आएगा।
अजित पवार के निधन के बाद विलय की चर्चा सियासी गलियारों और एनसीपी सूत्रों के हवाले से यह खबर आ रही है कि अजित पवार और शरद पवार के बीच पार्टी के विलय को लेकर सहमति बन गई थी। सूत्रों का दावा है कि इसके लिए 8 फरवरी की तारीख भी तय कर ली गई थी, लेकिन 28 जनवरी को एक दर्दनाक हादसे में 66 वर्षीय अजित पवार की असामयिक मृत्यु के कारण स्थितियां बदल गईं। अब देखना यह है कि क्या शरद पवार के नेतृत्व में दोनों गुट फिर से एक होते हैं।
CM फडणवीस से मिले NCP के दिग्गज नेता शुक्रवार को महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त सरगर्मी बढ़ गई जब एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे जैसे दिग्गज शामिल रहे। इस बैठक को सुनेत्रा पवार की नई जिम्मेदारी और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर बता दें कि सुनेत्रा पवार ने 2024 का लोकसभा चुनाव बारामती सीट से सुप्रिया सुले के खिलाफ लड़ा था। चुनाव हारने के बाद अजित पवार ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया। उन्होंने 25 जून 2025 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी और तब से वह संसद के उच्च सदन में सक्रिय हैं।