1st February Rules Budget Impact : नई दिल्ली। अगर आप सिगरेट, पान मसाला या तंबाकू उत्पादों के शौकीन हैं, तो कल यानी 1 फरवरी से आपकी जेब पर बड़ा बोझ पड़ने वाला है। सरकार ने इन ‘हानिकारक उत्पादों’ पर टैक्स की नई और सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। अब इन सामानों पर जीएसटी की उच्चतम दर 40% के अलावा अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और स्वास्थ्य उपकर (Health Cess) भी देना होगा।
सिगरेट की लंबाई से तय होंगे दाम सिगरेट पीने वालों के लिए नया नियम काफी कड़ा है। केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम में हुए संशोधन के अनुसार, अब सिगरेट पर टैक्स उसकी लंबाई के आधार पर लगेगा। इसके तहत प्रति स्टिक (एक सिगरेट) पर ₹2.05 से लेकर ₹8.50 तक का उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। यानी सिगरेट जितनी लंबी होगी, उस पर टैक्स उतना ही ज्यादा देना होगा।
MRP पर लगेगा टैक्स, कम होगी कर चोरी सरकार ने टैक्स वसूलने के तरीके में बड़ा बदलाव करते हुए अब चबाने वाले तंबाकू, खैनी, जर्दा और गुटखा जैसे उत्पादों के लिए ‘अधिकतम खुदरा मूल्य’ (MRP) आधारित मूल्यांकन शुरू किया है। अब पैकेट पर छपे दाम के आधार पर ही जीएसटी तय होगा, जिससे कर चोरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
कंपनियों पर सीसीटीवी से नजर पान मसाला और तंबाकू निर्माताओं के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब हर फैक्ट्री में पैकिंग मशीनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा और इसकी फुटेज को 24 महीने तक सुरक्षित रखना होगा। निर्माताओं को अपनी मशीनों की संख्या और उत्पादन क्षमता की जानकारी भी अधिकारियों को देनी होगी।