8th Pay Commission : नई दिल्ली | 07 फरवरी, 2026 : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। आयोग ने वेतन, भत्ते और पेंशन ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए हितधारकों (Stakeholders) से आधिकारिक तौर पर राय मांगी है। इसके लिए एक विस्तृत प्रश्नावली (Questionnaire) जारी की गई है।
सुझाव देने की अंतिम तिथि और पोर्टल
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव केवल MyGov पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
अंतिम तिथि: 16 मार्च 2026 (सोमवार)
माध्यम: केवल ऑनलाइन (ईमेल, पीडीएफ या डाक से भेजे गए सुझाव मान्य नहीं होंगे)
गोपनीयता: जवाब देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
प्रश्नावली में क्या है खास?
MyGov पोर्टल पर 18 सवालों का एक सेट तैयार किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से इन मुद्दों पर राय मांगी गई है:
फिटमेंट फैक्टर: वेतन वृद्धि का आधार क्या होना चाहिए?
आर्थिक स्थिति: देश की वर्तमान इकोनॉमी को देखते हुए वेतन नीति कैसी हो?
इंक्रीमेंट: क्या अलग-अलग लेवल के लिए इंक्रीमेंट की दरें अलग होनी चाहिए?
वैरिएबल पे: क्या टॉप पदों (सचिव स्तर) पर वैरिएबल पे की व्यवस्था होनी चाहिए?
8वें वेतन आयोग का अब तक का सफर
जनवरी 2025: आयोग के गठन की घोषणा हुई।
3 नवंबर 2025: वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिफिकेशन और ToR (Terms of Reference) जारी किया।
समय सीमा: आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
किसे मिलेगा सुझाव देने का मौका?
इस प्रक्रिया का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें केंद्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनभोगी, कर्मचारी यूनियन, न्यायिक अधिकारी, कोर्ट स्टाफ, शोधकर्ता और शिक्षाविद शामिल हो सकते हैं।
कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद:
बेसिक सैलरी के स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव होगा।
महंगाई भत्ते (DA) और अन्य भत्तों की नई व्यवस्था लागू होगी।
रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में संशोधन किया जाएगा।