सदन में ‘झूठ’ बोलने पर घिरे राहुल गांधी: भाजपा लाएगी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव, रिजिजू ने कहा- देश को गुमराह कर रहे LoP
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) लाने का ऐलान किया है। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया है और बिना किसी सबूत या पूर्व नोटिस के प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी के खिलाफ बेहद गंभीर और अपमानजनक बयान दिए हैं।
किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर “भारत और भारतीय हितों को बेचने” जैसा झूठा आरोप लगाया है, जो पूरी तरह से बेबुनियाद है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने सदन के नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना नोटिस दिए मंत्रियों पर आरोप लगाए और अपना भाषण खत्म कर सदन से चले गए। रिजिजू ने चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी इन आरोपों को प्रमाणित करें, वरना उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में विशेष रूप से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं और देश का डेटा, डिजिटल संप्रभुता और किसानों के हितों के साथ समझौता किया है। राहुल गांधी ने कहा कि इस डील के तहत डेटा लोकलाइजेशन की शर्त हटा दी गई है और अमेरिका को भारतीय डेटा का मुफ्त एक्सेस दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि “भारत माता को बेच दिया गया है” और प्रधानमंत्री किसी बाहरी “चोकहोल्ड” (दबाव) के तहत काम कर रहे हैं।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी “जहरीला झूठ” फैला रहे हैं और उनका व्यवहार संसदीय गरिमा के खिलाफ है। भाजपा नेताओं ने शाहीन बाग की तर्ज पर सदन में विरोध प्रदर्शन करने का भी आरोप लगाया। इस राजनीतिक टकराव के कारण सदन की कार्यवाही में कई बार व्यवधान आया और सत्ता पक्ष अब राहुल गांधी के खिलाफ सख्त विधायी कदम उठाने की तैयारी में है।