रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अब नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ (ANTF) का विधिवत गठन कर दिया है। 23 जनवरी को कमिश्नरेट लागू होने के बाद यह पुलिस का सबसे बड़ा और केंद्रित कदम माना जा रहा है।
10 सदस्यीय स्पेशल टीम करेगी वार नशे पर लगाम लगाने के लिए बनाई गई इस विशेष टीम में 10 अनुभवी पुलिसकर्मियों को जगह दी गई है। टीम का नेतृत्व निरीक्षक संजीव मिश्रा करेंगे। उनके साथ टीम में एक सब-इंस्पेक्टर (SI), एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI), तीन हवलदार और पांच आरक्षकों को शामिल किया गया है। यह टीम सीधे तौर पर नशे से जुड़े गिरोहों की पहचान करने, उन पर कार्रवाई करने और तस्करी के रास्तों की निगरानी करने का काम करेगी।
बड़े अफसरों की सीधी निगरानी ANTF की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए आला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसीपी अनुज कुमार (क्राइम एवं साइबर) को इस टास्क फोर्स का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि पूरी टीम के कामकाज और कार्रवाई की मॉनिटरिंग डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला करेंगे।
इन पुलिसकर्मियों को मिली टीम में जगह कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, टीम में टीआई संजीव मिश्रा के साथ एसआई अतुलेश राय, एएसआई प्रेमराज बारिक, हवलदार जयदेव सोम, सनेही नेताम, आरक्षक विकास क्षत्री, भूपेंद्र मिश्रा, संदीप शर्मा, सुरेश बंजारा और प्रमोद सिंह को तैनात किया गया है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के निर्देश पर एक्शन दरअसल, यह गठन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), नई दिल्ली के उन दिशा-निर्देशों के बाद किया गया है, जिसमें देश के सभी जिलों में नशे के खिलाफ एक समर्पित यूनिट बनाने की बात कही गई थी। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने इस आदेश को अमल में लाते हुए लिखित आदेश जारी कर दिया है, जिससे अब शहर में नशे के नेटवर्क को तोड़ना आसान होगा।