Shivaji Jayanti Dispute : नई दिल्ली। देशभर में 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती का उत्सव मनाया गया, लेकिन इस दौरान कुछ राज्यों से हिंसा और तनाव की खबरें भी सामने आईं। कर्नाटक और तेलंगाना में जयंती के जुलूस के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। कर्नाटक के बागलकोट में जहां पथराव की घटना हुई, वहीं हैदराबाद में एक यूट्यूबर के वीडियो बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद सांप्रदायिक तनाव में बदल गया।
कर्नाटक: मस्जिद के पास पथराव, धारा 163 लागू
कर्नाटक के बागलकोट में गुरुवार रात करीब 10 बजे जब शिवाजी महाराज का जुलूस पानका मस्जिद इलाके से गुजर रहा था, तभी कुछ उपद्रवियों ने जुलूस पर पत्थर और चप्पलें फेंकनी शुरू कर दीं। इस अचानक हुए हमले से वहां भगदड़ मच गई और एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। बागलकोट के एसपी सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में 24 फरवरी तक भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।
हैदराबाद: यूट्यूबर के विवाद ने पकड़ा तूल
हैदराबाद के अंबरपेट इलाके में विवाद की शुरुआत एक यूट्यूबर से हुई। मिली जानकारी के मुताबिक, एक यूट्यूबर जामा मस्जिद के पास वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था, जिस पर वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और उसके साथ मारपीट की। इसी दौरान वहां से शिवाजी महाराज की शोभायात्रा भी निकल रही थी। देखते ही देखते दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी होने लगी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भारी बल तैनात कर भीड़ को तितर-बितर किया।
तनाव के बाद पुलिस अलर्ट
इन दोनों ही घटनाओं के बाद संबंधित इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। हैदराबाद और बागलकोट दोनों जगहों पर पुलिस शांति समितियों के साथ बैठक कर रही है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।