UPI AutoPay : डिजिटल क्रांति ने बिल पेमेंट और रिचार्ज को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इसी सुविधा के बीच UPI AutoPay आपकी जेब पर भारी भी पड़ सकता है। अक्सर हम किसी सर्विस का ‘फ्री ट्रायल’ लेने के चक्कर में ऑटो-पेमेंट एक्टिव कर देते हैं, लेकिन बाद में उसे बंद करना भूल जाते हैं। अगर आप भी इस उलझन में हैं कि ऐप हटाने के बाद भी पैसे क्यों कट रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है।
सिर्फ ऐप डिलीट करना काफी नहीं
ज्यादातर यूजर्स को लगता है कि अगर उन्होंने फोन से ऐप डिलीट कर दिया है, तो पैसे कटना बंद हो जाएंगे। लेकिन हकीकत यह है कि ऑटो-पेमेंट का ‘मैंडेट’ (अनुमति) आपके बैंक और यूपीआई आईडी से जुड़ा होता है। जब तक आप मैन्युअली जाकर उस परमिशन को कैंसल या डिलीट नहीं करेंगे, बैंक तय तारीख पर पैसे काटता रहेगा। ओटीटी सब्सक्रिप्शन, जिम फीस या बिजली बिल जैसी सेवाओं के लिए यह फीचर उपयोगी तो है, लेकिन भूल जाने पर यह फालतू खर्च बन जाता है।
कैसे चेक करें अपनी AutoPay लिस्ट?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके खाते से कहां-कहां ऑटो-डेबिट हो रहा है, तो अपने यूपीआई ऐप (PhonePe, Google Pay या Paytm) में इन स्टेप्स को फॉलो करें:
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स्टेप 1: अपना यूपीआई ऐप खोलें और प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें।
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स्टेप 2: नीचे स्क्रॉल करें और ‘Payment Settings’ या ‘AutoPay’ के विकल्प को चुनें।
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स्टेप 3: यहां आपको उन सभी एक्टिव पेमेंट्स की लिस्ट दिखेगी, जिन्हें आपने मंजूरी दी है।
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स्टेप 4: जो पेमेंट जरूरी न हो, उसे चुनें और ‘Pause’ (कुछ समय के लिए रोकना) या ‘Remove/Delete’ (हमेशा के लिए बंद करना) पर क्लिक करें।
स्मार्ट यूजर बनने के लिए गांठ बांध लें ये बातें
अनचाहे खर्चों से बचने के लिए महीने में कम से कम एक बार अपनी ऑटो-पे लिस्ट जरूर चेक करें। किसी भी ‘फ्री ट्रायल’ को शुरू करते समय फोन में रिमाइंडर लगा लें, ताकि पैसे कटने से पहले आप फैसला ले सकें। याद रखें, छोटी-छोटी मासिक किश्तें साल के अंत में एक बड़ा आर्थिक बोझ बन जाती हैं, इसलिए केवल उन्हीं सेवाओं को ऑटो-मोड पर रखें जो आपके लिए अनिवार्य हों।