नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने उन लाखों नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत दी है, जो अपना पुराना पीएफ (PF) का पैसा भूल चुके थे। अक्सर लोग नौकरी बदलने के बाद पुराने संस्थान के पीएफ खाते को या तो भूल जाते हैं या फिर 500-1000 रुपये जैसी छोटी रकम के लिए लंबी कागजी कार्रवाई से कतराते हैं। अब श्रम मंत्रालय ने फैसला किया है कि ऐसे 31 लाख निष्क्रिय खातों में जमा करीब 11,000 करोड़ रुपये सरकार खुद आपके बैंक खाते में पहुँचाएगी।
सिस्टम खुद ढूँढकर देगा आपका हक
पहले पीएफ निकालना किसी मुसीबत से कम नहीं था—पुरानी कंपनी के चक्कर काटो, साहिबों के साइन कराओ और फिर महीनों इंतज़ार करो। लेकिन अब ‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में सरकार ने इस झंझट को खत्म कर दिया है। पहले चरण में उन 7 लाख खाताधारकों को चुना गया है जिनका आधार और बैंक खाता पहले से लिंक है। इन लोगों को पैसे के लिए कोई फॉर्म नहीं भरना होगा; विभाग खुद डेटा चेक करेगा और सीधे ‘ऑटो-पेमेंट’ के जरिए रकम आपके बैंक अकाउंट में भेज दी जाएगी। श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक, अगर यह शुरुआती प्रयोग सफल रहा, तो बाकी बचे 25 लाख खातों का पैसा भी इसी तरह लौटाया जाएगा।
मजदूरों के होनहार बच्चों की पढ़ाई अब नहीं रुकेगी
पीएफ के साथ-साथ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए भी खुशियों का पिटारा खोला है। अब इन कामगारों के होनहार बच्चों को पढ़ाई के लिए 25,000 रुपये तक की मेरिट स्कॉलरशिप दी जाएगी। खास बात यह है कि यह छात्रवृत्ति राज्य या केंद्र की किसी दूसरी स्कीम के साथ भी ली जा सकती है। यानी अब पैसे की तंगी किसी बच्चे के भविष्य के आड़े नहीं आएगी।
कुल मिलाकर, सरकार की यह पहल उन कर्मचारियों के लिए बड़ी जीत है जिनका पैसा सिस्टम की जटिलताओं की वजह से बरसों से लावारिस पड़ा था। अब बिना किसी दलाल या भागदौड़ के, आपका हक सीधे आपके पास पहुँचेगा।