परिचय: डिजिटल दुनिया में बढ़ता नया खतरा
आज के समय में स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इसके जरिए हम देश-दुनिया में बैठे अपने प्रियजनों से पल भर में जुड़ जाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे डिजिटल ठगों और साइबर अपराधियों के तरीके भी हाई-टेक होते जा रहे हैं। हाल के दिनों में एक ऐसा ही नया और खतरनाक मामला सामने आया है, जिसमें लोगों को विदेशी कंट्री कोड वाले नंबरों से व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग ऐप्स पर वीडियो कॉल आ रहे हैं। यदि आपको भी ऐसे अनजान नंबरों से कॉल मिल रही है, तो आपको बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि यह स्कैम किस तरह काम करता है और इससे खुद को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है।
विदेशी कंट्री कोड और स्कैम का पैटर्न
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन दिनों स्कैमर्स अंतरराष्ट्रीय फोन नंबरों का इस्तेमाल करके आम यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। खास तौर पर +84 (वियतनाम), +62 (इंडोनेशिया), और +60 (मलेशिया) जैसे देशों के कोड वाले नंबरों से व्हाट्सएप पर अचानक वीडियो कॉल आने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। जब कोई यूजर जिज्ञासावश या गलती से इन कॉल्स को उठा लेता है, तो जालसाज वीडियो के जरिए रिकॉर्डिंग करना शुरू कर देते हैं या फिर स्क्रीनशॉट ले लेते हैं। इसके बाद वे इस सामग्री का इस्तेमाल करके लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश करते हैं। चूंकि यह एक सोची-समझी साजिश होती है, इसलिए किसी भी अज्ञात विदेशी नंबर से आने वाली कॉल को तुरंत रिसीव करने से बचना ही समझदारी है।
वीडियो कॉल स्कैम कैसे काम करता है?
इस तरह के साइबर धोखे में अपराधियों का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक रूप से डराना और उनसे अवैध वसूली करना होता है। प्रक्रिया आमतौर पर इस प्रकार होती है:
- अपराधी इंटरनेट आधारित कॉलिंग टूल्स या वॉयस ओवर आईपी (VoIP) सेवाओं का उपयोग करके यादृच्छिक या चोरी किए गए नंबरों पर कॉल करते हैं।
- जैसे ही यूजर कॉल रिसीव करता है, दूसरी तरफ से या तो कोई आपत्तिजनक दृश्य दिखाया जाता है या फिर स्क्रीन पर कुछ ऐसा नजर आता है जिसे रिकॉर्ड किया जा सके।
- कुछ मामलों में, वीडियो कॉल उठाते ही फोन की स्क्रीन पर केवल एक काली या धुंधली तस्वीर दिखती है, लेकिन अपराधी आपकी लाइव तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं।
- इसके बाद वे इस रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने या परिजनों को भेजने की धमकी देकर पैसों की मांग करते हैं।
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए तकनीकी सावधानियां
अपनी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कुछ बुनियादी तकनीकी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम और मैसेजिंग ऐप्स में कई ऐसे सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं, जिनका उपयोग करके इस प्रकार के अनचाहे और खतरनाक कॉल्स से बचा जा सकता है। सबसे पहले, अपने मैसेजिंग ऐप्स की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर ‘अज्ञात नंबरों से आने वाली कॉल्स को साइलेंट करें’ (Silence Unknown Callers) के विकल्प को सक्रिय करें। इससे अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स आपके फोन की रिंगटोन नहीं बजाएंगी और आप मानसिक तनाव से बचे रहेंगे। इसके अलावा, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपने ऐप्स को हमेशा आधिकारिक स्टोर से ही अपडेट रखें।
क्या ध्यान रखें
इस प्रकार के साइबर खतरों से निपटने के लिए निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है:
- अज्ञात और विदेशी कंट्री कोड (+84, +62, +60 आदि) वाले नंबरों से आने वाली वीडियो या ऑडियो कॉल्स को कभी भी रिसीव न करें।
- यदि कोई अनजान नंबर परेशान कर रहा है, तो तुरंत उस नंबर को ब्लॉक करें और मैसेजिंग ऐप पर उसकी रिपोर्ट करें।
- अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप) की प्राइवेसी को ‘पब्लिक’ से बदलकर ‘फ्रेंड्स ओनली’ या ‘प्राइवेट’ कर लें, ताकि आपका फोन नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहे।
- कॉल उठाने के बाद यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत कॉल काट दें और किसी भी प्रकार के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।
- अपने परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को भी इन नए प्रकार के ऑनलाइन स्कैम के बारे में जागरूक करें।