बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में हथियारों की तस्करी का एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश के बड़वानी की अवैध फैक्ट्रियों से फिल्मी स्टाइल में डेमो दिखाकर हथियारों का सौदा किया जा रहा था। बिलासपुर पुलिस ने इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश करते हुए भोपाल के सप्लायर और बिलासपुर के एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
कैसे हुआ खुलासा? पूरा मामला तब सामने आया जब 3 फरवरी को पुलिस ने बिलासपुर के मिनी बस्ती निवासी हिस्ट्रीशीटर स्वराज कुर्रे (20) के घर छापा मारा। तलाशी के दौरान स्वराज के मोबाइल से एक वीडियो मिला, जिसमें पिस्टल से फायरिंग का डेमो दिखाया जा रहा था। पुलिस ने स्वराज के पास से 2 पिस्टल, 4 मैगजीन, 20 जिंदा कारतूस और 1100 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बरामद कीं।
बड़वानी से भोपाल और फिर बिलासपुर पूछताछ में पता चला कि हथियारों की यह चेन मध्य प्रदेश के बड़वानी के जंगलों से शुरू होती है। वहां अवैध कारखानों में ऑटोमैटिक पिस्टल बनाए जाते हैं, जिन्हें भोपाल के सप्लायर धीरेंद्र सिंह तोमर (37) को भेजा जाता था। धीरेंद्र वहां से इन हथियारों की सप्लाई छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जैसे शहरों में करता था। पुलिस ने भोपाल के ‘आइडियल सिटी’ से सप्लायर धीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
जंगल के भीतर मिली हथियार बनाने की फैक्ट्री बिलासपुर पुलिस की एक विशेष टीम जब जांच करते हुए बड़वानी पहुंची, तो वहां जंगल के 20 किलोमीटर अंदर हथियार बनाने का कारखाना मिला। पुलिस की दस्तक से पहले ही कारखाना संचालक फरार हो गया, लेकिन वहां बड़े पैमाने पर पिस्टल बनाने के साक्ष्य मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि यहाँ से केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी हथियारों की सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने स्वराज कुर्रे और सप्लायर धीरेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध असलहा और नशीली दवाएं जब्त की गई हैं। पुलिस अब इस चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।