AI Face Swap Video Call Scam
AI Face Swap Video Call Scam : डिजिटल डेस्क : अगर आपके व्हाट्सएप या किसी अन्य सोशल मीडिया ऐप पर किसी अनजान नंबर से वीडियो कॉल आ रहा है, तो सावधान हो जाइए। साइबर अपराधी अब आपको ठगने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का सहारा ले रहे हैं। ‘फेस स्वैप’ और ‘डीपफेक’ जैसी तकनीक के जरिए अपराधी न केवल आपकी निजी तस्वीरें चोरी कर रहे हैं, बल्कि मिनटों में आपका बैंक खाता भी साफ कर रहे हैं।
AI Face Swap Video Call Scam : क्या है AI ‘फेस स्वैप’ स्कैम और यह कैसे काम करता है? साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अपराधी अब साधारण कॉल के बजाय वीडियो कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
चेहरा चोरी करना: जैसे ही आप वीडियो कॉल उठाते हैं, अपराधी स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए आपके चेहरे के हाव-भाव रिकॉर्ड कर लेते हैं।
AI का खेल: इसके बाद AI ‘Face Swap’ तकनीक का इस्तेमाल कर आपके चेहरे को किसी अश्लील वीडियो या किसी संदिग्ध गतिविधि वाले वीडियो में फिट कर दिया जाता है।
ब्लैकमेलिंग का जाल: इसके बाद शुरू होता है वसूली का खेल। अपराधी आपको वह फर्जी वीडियो भेजकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हैं और बदले में मोटी रकम की मांग करते हैं।
केवाईसी और बायोमेट्रिक ठगी का नया तरीका
सिर्फ ब्लैकमेलिंग ही नहीं, अपराधी आपके चेहरे का इस्तेमाल बैंक केवाईसी (KYC) और आधार आधारित पेमेंट सिस्टम को चकमा देने के लिए भी कर रहे हैं। AI के जरिए आपका चेहरा इतना असली लगता है कि कई बार सुरक्षा सिस्टम भी धोखा खा जाते हैं, जिससे आपके बैंक खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह: खुद को कैसे बचाएं?
अगर आप भी इस तरह के डिजिटल हमलों से बचना चाहते हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
अनजान वीडियो कॉल न उठाएं: बिना पहचान वाले नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को पूरी तरह इग्नोर करें।
कैमरे पर टेप लगाएं: जब आप वीडियो कॉल पर न हों, तो अपने लैपटॉप या मोबाइल के फ्रंट कैमरे को ढक कर रखें।
सोशल मीडिया प्राइवेसी: अपनी प्रोफाइल को लॉक रखें ताकि कोई अनजान व्यक्ति आपकी फोटो या वीडियो का इस्तेमाल ‘डीपफेक’ बनाने के लिए न कर सके।
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): अपने सभी बैंकिंग और सोशल मीडिया ऐप्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें।
ठगी होने पर क्या करें?
अगर आप या आपका कोई परिचित इस जाल में फंस जाता है, तो घबराएं नहीं। तुरंत भारत सरकार की आधिकारिक साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। याद रखें, अपराधी आपकी घबराहट का ही फायदा उठाते हैं।