नई दिल्ली: अपनी रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। खासकर उन लोगों के लिए जो प्राइवेट जॉब या असंगठित क्षेत्र (दिहाड़ी मजदूरी, खेती, छोटा व्यापार) में काम करते हैं और जिनके पास भविष्य के लिए कोई सरकारी सुरक्षा नहीं है। इस योजना के जरिए आप मात्र 376 रुपए महीने के मामूली निवेश से अपने बुढ़ापे के लिए 5,000 रुपए की फिक्स पेंशन पक्की कर सकते हैं।
18 से 40 की उम्र: निवेश का सही समय
सरकार ने इस योजना के लिए उम्र की सीमा 18 से 40 वर्ष तय की है। नियम यह है कि आपको कम से कम 20 साल तक इस स्कीम में निवेश करना होगा। आप जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, आपकी किस्त उतनी ही कम होगी। उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी उम्र 25 साल है, तो आपको हर महीने सिर्फ 376 रुपए जमा करने होंगे। जब आप 60 साल के हो जाएंगे, तो सरकार आपको जीवनभर हर महीने 5,000 रुपए की पेंशन देगी।
परिवार के लिए 8.5 लाख का सुरक्षा कवच
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ निवेश करने वाले तक सीमित नहीं है। 60 साल के बाद पेंशनभोगी को तो पैसा मिलता ही है, लेकिन अगर उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी (पति या पत्नी) को उतनी ही पेंशन मिलती रहेगी। यदि दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो सरकार नॉमिनी (बच्चों) को लगभग 8.5 लाख रुपए का एकमुश्त फंड वापस कर देती है। यानी आपका पैसा कहीं डूबता नहीं है, बल्कि वह आपके परिवार के ही काम आता है।
टैक्स में बचत और विशेषज्ञों की सलाह
अटल पेंशन योजना में निवेश करने वालों को इनकम टैक्स की धारा 80CCD(1) के तहत टैक्स में छूट का फायदा भी मिलता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है, सिर्फ पेंशन के भरोसे रहना पूरी तरह सही नहीं होगा। इसलिए सलाह दी जाती है कि इस योजना के साथ-साथ आप म्यूचुअल फंड या अन्य छोटी बचत योजनाओं (SIP) में भी निवेश जारी रखें।
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास एक बैंक खाता और आधार कार्ड होना जरूरी है। आप अपने नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर आसानी से खाता खुलवा सकते हैं। यह योजना सीधे PFRDA (पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण) द्वारा संचालित है, इसलिए इसमें धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।