Bajrang Dal Raipur News : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस बार ‘वैलेंटाइन डे’ को लेकर बजरंग दल का एक बिल्कुल अलग और अनोखा अंदाज देखने को मिल रहा है। सालों से विरोध और प्रदर्शन के लिए जाने जाने वाले संगठन ने इस बार अपना तरीका बदलते हुए डंडे की जगह ‘धर्म’ और ‘हनुमान चालीसा’ का सहारा लिया है। 14 फरवरी से एक दिन पहले ही बजरंग दल के कार्यकर्ता शहर के प्रमुख गार्डन और पार्कों में पहुंचे और वहां मौजूद प्रेमी जोड़ों को हनुमान चालीसा की पुस्तिकाएं भेंट कीं।
डंडे की जगह हाथ में हनुमान चालीसा वैलेंटाइन डे से पहले शुक्रवार को रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव, ऊर्जा पार्क और अन्य सार्वजनिक उद्यानों में बजरंग दल के कार्यकर्ता सक्रिय नजर आए। आमतौर पर होने वाली धरपकड़ या हंगामे के बजाय, इस बार कार्यकर्ताओं ने प्रेमी जोड़ों के पास जाकर उनसे शांति से बातचीत की। संगठन के सदस्यों ने उन्हें पाश्चात्य संस्कृति (Western Culture) के बजाय भारतीय संस्कारों की याद दिलाई और उपहार स्वरूप हनुमान चालीसा की छोटी पुस्तकें बांटीं।
“हम प्यार के दुश्मन नहीं, अश्लीलता के खिलाफ हैं” बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र कुमार वर्मा ने इस बदले हुए अंदाज पर स्पष्ट रुख रखते हुए कहा, “हम किसी को डराने या परेशान करने नहीं आए हैं। हम केवल अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं ताकि मर्यादा बनी रहे। हम प्यार के दुश्मन नहीं हैं, हम तो चाहते हैं कि प्रेमी जोड़ा सातों जन्म साथ रहे, लेकिन हमारा विरोध अश्लीलता और ‘लव जिहाद’ जैसी साजिशों से है।” उन्होंने आगे कहा कि प्यार किसी एक दिन का मोहताज नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भगवान राम के माता सीता के प्रति प्रेम जैसा पवित्र और हर दिन रहने वाला भाव होना चाहिए।
पुणे की युवती और रायपुर का युवक: दी गई समझाइश गार्डन में गश्त के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को एक विशेष मामला भी मिला। पुणे से एक हिंदू युवती अपने प्रेमी से मिलने रायपुर पहुंची थी, जो मुस्लिम समुदाय से है। दल के सदस्यों ने उन दोनों को रोककर बातचीत की, उनके विवरण (Details) लिए और उन्हें भविष्य के खतरों को लेकर ‘समझाइश’ दी। संगठन का कहना है कि वे लव जिहाद के जानलेवा परिणामों से युवाओं को बचाना चाहते हैं।
शनिवार को भी रहेगी मुस्तैदी बजरंग दल ने साफ कर दिया है कि कल यानी 14 फरवरी को भी उनके कार्यकर्ता पूरे शहर में मुस्तैद रहेंगे। विजेंद्र वर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर उनकी टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात रहेंगी ताकि सार्वजनिक स्थानों पर कोई अप्रिय घटना या अभद्रता न हो। संगठन के इस ‘गांधीगिरी’ वाले अंदाज ने इस बार शहरवासियों और सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है।