नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस और लोन भुगतान से जुड़े मामलों में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राजपाल को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जेल जाना उनकी अपनी गलती है। राजपाल यादव ने परिवार में शादी होने का हवाला देकर जमानत की अपील की थी, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया और अगली सुनवाई सोमवार के लिए तय की है। इसका सीधा मतलब है कि राजपाल यादव को अभी कुछ और दिन तिहाड़ जेल में ही बिताने होंगे।
“आपने अपनी ही जुबान की कद्र नहीं की”
अदालत ने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के रवैये पर सख्त नाराजगी जताई। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, “आप जेल इसलिए गए हैं क्योंकि आपने अपने ही कमिटमेंट का सम्मान नहीं किया।” कोर्ट ने नोट किया कि कम से कम दो दर्जन मौकों पर राजपाल ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन हर बार वह नाकाम रहे। जब राजपाल के वकील ने फिर से पैसे देने की बात कही, तो अदालत ने दो टूक कहा कि आज फिर वही पुरानी बात दोहराई जा रही है।
भतीजी की शादी में शामिल होने की थी अर्जी
राजपाल यादव ने अपनी ‘बेल एप्लिकेशन’ में बताया था कि 19 फरवरी को उनके भाई श्रीपाल यादव की बेटी की शादी है, जिसमें उन्हें चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होना है। उन्होंने शादी अटेंड करने के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे पर्याप्त आधार नहीं माना। अदालत ने दूसरे पक्ष को बेल एप्लिकेशन पर जवाब दाखिल करने को कहा है और मामले को सोमवार तक के लिए टाल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद करीब डेढ़ दशक पुराना है। 2010 में राजपाल यादव ने दिल्ली के एक बिजनेसमैन से फिल्म बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप हो गई और राजपाल पैसे नहीं लौटा पाए, जिसके बाद चेक बाउंस के मामले दर्ज हुए। 2018 में मैजिस्टेरियल कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी। कई बार वादा करने और समय मांगने के बावजूद जब बकाया रकम कम नहीं हुई, तो अंततः उन्होंने सरेंडर कर दिया और 5 फरवरी 2026 को उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया।