बिलासपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में धान खरीदी के दौरान किसानों के पसीने की कमाई पर डाका डालने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। धान खरीदी केंद्रों पर अवैध वसूली और धांधली की शिकायतें मिलने के बाद, कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो केंद्रों के प्रभारियों को पद से हटा दिया गया है।
5-6 रुपये प्रति बोरी की अवैध वसूली का खुलासा
जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि धान की तौलाई के नाम पर हमालों के जरिए किसानों से खुलेआम अवैध वसूली की जा रही थी। हर बोरी के पीछे किसानों से 5 से 6 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे थे। जब यह मामला अधिकारियों की नजर में आया, तो हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए।
इन अधिकारियों और प्रभारियों पर गिरी गाज
प्रशासन ने दोषियों को बख्शने के बजाय सीधा एक्शन लिया है। गतौरा धान खरीदी केंद्र के फड़ प्रभारी लव कुमार यादव, बारदाना प्रभारी शैलेश राठौर और कंप्यूटर ऑपरेटर हुलेश्वर धीरही को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही, केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी राजेन्द्र राठौर को भी पद से हटा दिया गया है।
वहीं, घुटकू धान खरीदी केंद्र में भी भारी अनियमितताएं पाई गईं। यहां कार्रवाई करते हुए प्राधिकृत अधिकारी दुर्गेश रजक और फड़ व बारदाना प्रभारी मुकेश कुमार लोनिया को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
कलेक्टर की सख्त चेतावनी: किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए सभी खरीदी केंद्रों को कड़ा संदेश दिया है। प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसानों के साथ किसी भी तरह की लूट या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी यदि किसी केंद्र से ऐसी शिकायत मिलती है, तो वहां के प्रभारियों के खिलाफ इससे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।