BMC चुनाव
BMC Election Results 2026 : मुंबई: महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अस्तित्व पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ‘मराठी मानुस’ और हिंदुत्व के एजेंडे पर राजनीति करने वाले राज ठाकरे का जादू इस बार पूरी तरह फीका पड़ गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 20 साल बाद अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ हाथ मिलाने के बावजूद राज ठाकरे मुंबई में दहाई (Double Digit) का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। महाराष्ट्र के 29 शहरों में हुए चुनाव में से 22 शहरों में तो मनसे का खाता तक नहीं खुल पाया है।
BMC Election Results 2026 : ठाकरे ब्रदर्स की जोड़ी पूरी तरह फेल, 30 साल बाद बीएमसी से विदाई
एशिया के सबसे अमीर नगर निगम (BMC) पर कब्जा करने का सपना देख रही ‘ठाकरे ब्रदर्स’ की जोड़ी को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है। बीएमसी की 227 सीटों में से राज ठाकरे की पार्टी को महज 5 सीटों पर ही बढ़त मिल पाई है। यह राज ठाकरे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है क्योंकि उन्होंने इस बार उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। इन नतीजों के साथ ही बीएमसी में पिछले 30 सालों से चला आ रहा ठाकरे परिवार का दबदबा खत्म हो गया है और बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता पर कब्जा जमा लिया है।
22 शहरों में ‘शून्य’ पर सिमटी मनसे, पुणे और नासिक में सूपड़ा साफ
राज ठाकरे के लिए सबसे बुरी खबर उनके गढ़ माने जाने वाले शहरों से आई है। कभी नासिक नगर निगम पर राज करने वाली मनसे को इस बार वहां केवल 2 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं, पुणे की 165 सीटों में से मनसे का खाता तक नहीं खुल सका। इसके अलावा मीरा-भायंदर, वसई-विरार, नागपुर, पिंपरी-चिंचवड़, संभाजीनगर, कोल्हापुर, लातूर, अमरावती और अकोला सहित कुल 22 शहरों में मनसे को एक भी सीट नसीब नहीं हुई।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव: किसके पास कितनी बढ़त?
महाराष्ट्र की 29 नगर महापालिकाओं की कुल 2869 सीटों के रुझानों में बीजेपी गठबंधन (महायुति) की आंधी चल रही है।
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बीजेपी: 1064 वार्डों में आगे
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एकनाथ शिंदे (शिवसेना): 282 वार्ड में आगे
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कांग्रेस: 222 वार्ड में आगे
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अजित पवार (NCP): 113 वार्ड में आगे
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उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT): 109 वार्ड में आगे
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राज ठाकरे (MNS): महज 12 वार्ड में आगे (पूरे महाराष्ट्र में)
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शरद पवार (NCP): 24 वार्ड में आगे
गढ़ों में भी नहीं बची साख, सिंगल डिजिट तक सीमित हुई पार्टी
राज ठाकरे ने इस चुनाव में चुनिंदा लेकिन मजबूत सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, फिर भी नतीजे निराशाजनक रहे। कल्याण-डोंबिवली में पार्टी को 4 सीटें, अहिल्यानगर में 3 सीटें, नासिक में 2 और ठाणे, नवी मुंबई व उल्हासनगर में पार्टी को महज 1-1 सीट पर बढ़त मिली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘मराठी मानुस’ का मुद्दा अब मतदाताओं को लुभा नहीं पा रहा है और जनता ने विकास के नाम पर बीजेपी-शिंदे गठबंधन को चुना है। चचेरे भाइयों का साथ आना भी मतदाताओं के मन में विश्वास पैदा नहीं कर पाया, जिससे राज ठाकरे की राजनीति अब हाशिए पर जाती दिख रही है।