रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। जांच एजेंसी ने इस मामले के प्रमुख आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे 25 फरवरी तक यानी 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
कृषि अनुदान के नाम पर सरकारी खजाने को लगी चपत
विवेचना के दौरान एसीबी-ईओडब्ल्यू को ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि डीएमएफ फंड से कृषि अनुदान के कार्यों में नियमों को ताक पर रखकर भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा ने एक संगठित सिंडिकेट बनाया था, जिसमें ऊंचे रसूख वाले सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और व्यापारी शामिल थे। इन लोगों ने मिलकर कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाईं और शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई।
रिश्तेदारों के खातों में लिया करोड़ों का कमीशन
जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी ने इस पूरे खेल में करोड़ों रुपये का अवैध कमीशन वसूला। यह पैसा न केवल नकद लिया गया, बल्कि बड़ी चालाकी से अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर कराया गया। डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच के बाद आरोपी की संलिप्तता के ठोस प्रमाण मिले हैं। अब पुलिस रिमांड के दौरान एसीबी इस सिंडिकेट के अन्य चेहरों और पैसों की रिकवरी को लेकर सतपाल छाबड़ा से कड़ी पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले की आंच कुछ और बड़े नामों तक पहुँच सकती है।