Gold Silver Price Update : नई दिल्ली। साल 2026 में कीमती धातुओं की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में उस वक्त खलबली मच गई, जब चांदी की कीमतों ने इतिहास में पहली बार 3 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। वैश्विक तनाव और निवेशकों की भारी मांग के चलते सोने और चांदी की कीमतें ‘रॉकेट’ की रफ्तार से भाग रही हैं, जिससे आम खरीदारों के होश उड़ गए हैं।
चांदी ने रचा इतिहास: एक दिन में 10,000 की छलांग
सोमवार को दिल्ली के बाजार में चांदी की कीमतों में 10,000 रुपये प्रति किलो की बंपर तेजी दर्ज की गई। इस उछाल के साथ चांदी का भाव 3,02,600 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बता दें कि पिछले शुक्रवार को चांदी 2,92,600 रुपये पर बंद हुई थी। यह पहली बार है जब भारतीय बाजार में चांदी ने 3 लाख का मनोवैज्ञानिक स्तर पार किया है।
सोना भी नहीं है पीछे: 1.48 लाख का नया लाइफटाइम हाई
चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी आसमान छू रही है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9% शुद्धता वाला सोना 1,900 रुपये महंगा होकर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को यही सोना 1,46,200 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। शादी-ब्याह के सीजन से पहले सोने की इस बेतहाशा बढ़ती कीमत ने मिडिल क्लास की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
क्यों लग रही है कीमतों में आग?
बाजार विशेषज्ञों और सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि इस रिकॉर्डतोड़ तेजी के पीछे मुख्य रूप से 3 बड़े कारण हैं:
भू-राजनीतिक तनाव: दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध और तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है।
सुरक्षित निवेश: आर्थिक अस्थिरता के दौर में निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
ग्लोबल डिमांड: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी और औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी की कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
एक्सपर्ट्स के अनुमान भी हुए फेल
दिलचस्प बात यह है कि साल की शुरुआत में एक्सपर्ट्स ने सोने-चांदी की कीमतों में जिस बढ़त का अंदाजा लगाया था, कीमतें उससे कहीं ज्यादा तेजी से भाग रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।