DA Hike 2026 : नई दिल्ली। देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए रंगों का त्योहार होली इस बार दोगुनी खुशियां लेकर आ सकता है। केंद्र की मोदी सरकार जल्द ही महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान कर सकती है। ताज़ा रिपोर्टों और लेबर ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार डीए में 2 फीसदी की वृद्धि होना लगभग तय माना जा रहा है, जिसका लाभ 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।
दिसंबर के आंकड़ों ने लगाई मुहर महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है। दिसंबर 2025 के लिए यह इंडेक्स 148.2 अंकों पर स्थिर रहा है। इस डेटा के आधार पर पिछले 12 महीनों का औसत निकाला जाए, तो डीए का आंकड़ा 60.34% बैठता है। चूंकि सरकार डीए हमेशा पूर्णांक (Round Figure) में घोषित करती है, इसलिए इसे 60 फीसदी माना जा रहा है। वर्तमान में कर्मचारियों को 58 फीसदी की दर से भत्ता मिल रहा है।
सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? अगर सरकार होली से पहले 2 फीसदी बढ़ोतरी पर मुहर लगाती है, तो इसका सीधा असर कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर:
यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 20,000 रुपये है, तो 2% की बढ़ोतरी से उसे हर महीने 400 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
वहीं, 50,000 रुपये बेसिक सैलरी वालों के वेतन में 1,000 रुपये प्रति माह का इजाफा होगा। इसके साथ ही जनवरी और फरवरी महीने का एरियर भी होली के आसपास खाते में आने की संभावना है।
8वें वेतन आयोग को लेकर भी सुगबुगाहट खास बात यह है कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है और 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग का समय शुरू हो गया है। हालांकि, नई सिफारिशें लागू होने तक डीए और डीआर में बढ़ोतरी पुरानी व्यवस्था (7वें वेतन आयोग) के तहत ही जारी रहेगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही 8वें वेतन आयोग के गठन और नए ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर भी कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
मार्च में कैबिनेट की बैठक पर नजर परंपरा के अनुसार, केंद्र सरकार जनवरी से लागू होने वाले डीए का ऐलान मार्च के महीने में करती है। इस बार होली मार्च के दूसरे पखवाड़े में है, ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्रीय कैबिनेट की अगली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। इससे देशभर के करीब 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की जेब में सीधे ‘हरे-हरे’ नोटों का इजाफा होगा।