Hindu Youth Murder Bangladesh Rajbari : राजबाड़ी (बांग्लादेश): बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में अल्पसंख्यकों पर जुल्म की एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक पेट्रोल पंप पर ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हिंदू युवक, रिपन साहा को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया गया क्योंकि उसने अपनी मेहनत के पैसे मांग लिए थे। यह घटना महज एक विवाद नहीं, बल्कि वहां रह रहे अल्पसंख्यकों के मन में दहशत पैदा करने वाला एक क्रूर कृत्य है।
ईमानदारी की मिली खौफनाक सजा
मिली जानकारी के अनुसार, रिपन साहा राजबाड़ी के एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। देर शाम कुछ युवक अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने आए। पेट्रोल डलवाने के बाद जब रिपन ने उनसे पैसे मांगे, तो वे युवक तैश में आ गए और गाली-गलौज करने लगे। विवाद बढ़ा तो आरोपियों ने कानून और इंसानियत दोनों को ताक पर रख दिया।
सरेआम टायर के नीचे दी जान
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी युवकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन जब रिपन ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने बेरहमी की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने जानबूझकर रिपन के ऊपर अपनी तेज रफ्तार गाड़ी चढ़ा दी। गाड़ी के नीचे आने से रिपन गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर ही तड़पने लगा। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
अल्पसंख्यक समाज में फैला भारी आक्रोश
इस घटना के बाद बांग्लादेश के हिंदू समुदाय और अल्पसंख्यक संगठनों में भारी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां हिंदुओं को मामूली बातों पर निशाना बनाया जा रहा है। लोगों ने हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पकड़ से बाहर हैं।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि क्या बांग्लादेश में हिंदुओं की जान की कीमत इतनी सस्ती हो गई है कि महज चंद रुपयों के विवाद में उन्हें सरेआम मार दिया जाए?