Bangladesh Hindu Persecution : सिलहट (बांग्लादेश): बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सिलहट जिले के गोवाइंगहाट इलाके से सामने आया है, जहां जिहादी तत्वों ने एक हिंदू शिक्षक के घर को आग के हवाले कर दिया। हमलावरों का मकसद घर के भीतर सो रहे परिवार को जिंदा जलाना था, लेकिन गनीमत रही कि समय रहते सभी सदस्य बाहर निकल आए और उनकी जान बच गई।
‘झुनू सर’ के नाम से मशहूर शिक्षक बने निशाना
जानकारी के अनुसार, जिस घर को निशाना बनाया गया वह बीरेंद्र कुमार डे का है। बीरेंद्र कुमार एक स्थानीय शिक्षक हैं और पूरे क्षेत्र में ‘झुनू सर’ के नाम से बेहद लोकप्रिय हैं। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने देर रात उनके घर को चारों तरफ से घेर लिया और आग लगा दी। देखते ही देखते लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक गांव के लोग मदद के लिए जुटते, तब तक घर और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
24 दिनों में 9वीं बड़ी वारदात: हिंदुओं में दहशत का माहौल
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले अब एक खतरनाक पैटर्न बन चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महज 24 दिनों के भीतर हिंदू समुदाय को निशाना बनाने वाली यह 9वीं बड़ी घटना है। इस हमले के बाद पूरे सिलहट जिले में रहने वाले हिंदू परिवारों के बीच असुरक्षा और डर का माहौल गहरा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की सुस्ती के कारण उपद्रवियों के हौसले बुलंद हैं।
पूरे बांग्लादेश में टारगेट किए जा रहे हिंदू परिवार
यह कोई इकलौती घटना नहीं है। इससे पहले दिसंबर के अंत में पिरोजपुर जिले में भी एक हिंदू परिवार का घर जलाया गया था। वहीं चटगांव के राउज़ान इलाके में भी प्रवासी हिंदुओं की संपत्तियों को आग के हवाले करने की खबरें आई थीं। मानवाधिकार संगठनों ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि योजनाबद्ध तरीके से हिंदुओं की संपत्तियों को नष्ट किया जा रहा है ताकि वे पलायन करने पर मजबूर हो जाएं।
कार्रवाई की मांग, सुरक्षा पर उठे सवाल
सिलहट की इस घटना के बाद सामाजिक संगठनों ने बांग्लादेश सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने घटनास्थल का दौरा कर मामले की जांच शुरू करने का दावा किया है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। स्थानीय हिंदू समुदाय का कहना है कि अगर जल्द ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किए गए, तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं।