NSUI Raipur Protest
NSUI Raipur Protest : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज राजनीति का एक अनोखा और दिलचस्प नजारा देखने को मिला। प्रदेश में हुए करोड़ों रुपये के कथित धान घोटाले के विरोध में एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने गांधीगिरी और व्यंग्य का सहारा लेते हुए ‘चूहे’ का वेश धारण कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता बकायदा चूहों की तरह सज-धजकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जिसे देख वहां मौजूद लोग और अधिकारी भी हैरान रह गए।
“चूहे को न्याय” देने की उठी मांग
NSUI नेताओं का कहना है कि सरकार धान खरीदी केंद्रों में भारी कमी और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए अजीबोगरीब बहाने बना रही है। सरकार का दावा है कि चूहों ने करोड़ों का धान खा लिया है, जिसे NSUI ने सरासर झूठ करार दिया है। इस विरोध प्रदर्शन को कार्यकर्ताओं ने “चूहे को न्याय” नाम दिया। उनका तर्क है कि असली घोटाला अधिकारियों और सिस्टम की मिलीभगत से हुआ है, लेकिन ठीकरा बेजुबान चूहों पर फोड़ा जा रहा है ताकि बड़े गुनहगारों को बचाया जा सके।
बड़े अफसरों और मंत्रियों पर कार्रवाई की मांग
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने कड़ा रुख अपनाते हुए लिखा कि यह घोटाला सीधे तौर पर किसानों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ज्ञापन में कहा गया कि खाद्य विभाग के शीर्ष स्तर के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, लेकिन अब तक किसी भी बड़ी मछली पर हाथ नहीं डाला गया है। प्रशासन की ओर से चूहों को दोषी बताना अपनी विफलता को स्वीकार करने जैसा है।
NSUI ने प्रशासन के सामने रखीं ये 4 मुख्य शर्तें:
उच्चस्तरीय जांच: धान घोटाले की निष्पक्ष और हाई-लेवल जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।
अधिकारियों पर गाज: घोटाले में शामिल सभी छोटे-बड़े अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड कर कठोर कार्रवाई की जाए।
खाद्य मंत्री का इस्तीफा: नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खाद्य मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
भविष्य की सुरक्षा: धान संग्रहण केंद्रों में ऐसी व्यवस्था की जाए कि भविष्य में भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे और करोड़ों का नुकसान न हो।
रायपुर का यह अनोखा प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एनएसयूआई ने साफ कर दिया है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और उग्र बनाएंगे।